बेटी-बचाओ, बेटी-पढ़ाओ

भारत शासन द्वारा पूरे देश के 100 चयनित जिलों में बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओ योजना दिनांक 22 जनवरी 2015 से लागू की गई। बाल लिंगानुपात में गिरावट दर्ज की गई है जो कि संवेदनशील मुद्दा होने के साथ-साथ अत्यधिक चिंता का विषय है। बाल लिंगानुपात (सीएसआर) को 0 से 6 वर्ष में प्रति 1000 बालकों में बालिकाओं की संख्या के रूप में परिभाषित किया गया है। छत्तीसगढ़ में बाल लिंगानुपात वर्ष 2001 में 975 था जो वर्ष 2011 की स्थिति में 964 हो गया।

‘‘बेटी-बचाओं, बेटी-पढ़ाओ’’ योजना अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य के जिला-रायगढ़ के बाद वर्तमान में जिला-बीजापुर को मल्टीसेक्ट्राल हस्तक्षेप (Multi-sectoral Intervention) जिले के रूप में चयनित किया गया है।

उद्देश्यः-

  • बच्चों के जन्म के समय लिंग चयन तथा विभेद को समाप्त करना।
  • बालिकाओं की उत्तरजीविका व उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना।
  • बालिकाओं की शिक्षा को सुनिश्चित करना।
  • सम्पर्कः-सम्बन्धित जिला रायगढ़ एवं बीजापुर के जिला कार्यक्रम अधिकारी/जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी।

    सूचना पट्ट